मध्य प्रदेश की नई योजनाएं 2025:
मध्य प्रदेश की नई योजनाएं 2025
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा नई-नई योजनाएं लागू की जाती हैं, सरकार सदैव ही लोगों के हित में योजनाएं बनती है। ताकि सभी नागरिकों की मदद हो सके। जैसे मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना, स्वरोजगार योजना ऐसी बहुत सारी योजनाएं बनाई जाती हैं। महिलाओं के लिए बच्चो के लिए और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाई जाती हैं।
आईए जानते हैं कुछ मुख्य योजनाएं।
• मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना।
• मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना।
• मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना।
• अटल किसान ज्योति योजना।
• प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना।
• मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना।
• कन्या साक्षरता प्रोत्साहन योजना।
• मुख्यमंत्री संबल योजना।
• मुख्यमंत्री नि: शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना।
• मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना।
आइए इन सभी योजनाओं को विस्तार से जानते हैं:
• मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना;
यह एक ऐसी योजना है जिसमें गरीब परिवारों को वित्तीय रूप से सत्कार मदद करती है,इस योजना के तहत सरकार गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 55000 रुपए सरकार देती है। इस राशि को दो भागों में दिया जाता है 49000 रुपए सरकार बेटी के बैंक खाते में उसकी ग्रहस्ती को संवारने के लिए देती है और 6000 रुपए शादी के खर्चे के लिए दिए जाते हैं ।
• मध्य प्रदेश जिले के मुख्यमंत्री द्वारा 2006 में इस योजना की शुरुआत हुई थी।
• इस योजना के तहत लड़की की उम्र 18 वर्ष से अधिक और लड़के की उम्र 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
• सभी आवेदन के साथ आधार कार्ड बैंक क पासबुक,आय प्रमाण पत्र भी जरिए होते हैं।
• इस योजना की अधिक जानकारी इसकी gov वेबसाइट पर मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना;
इस योजना में सरकार महिलाओं की आर्थिक मदद के लिए सहायता प्रदान करती है। सरकार के द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।यह योजना भाजपा के नेता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बनाई गई थी।इस योजना
के तहत मध्यप्रदेश की महिलाओं को 1000 रुपए की राशि प्रति माह दी जाती है।यह राशि उन्हें आर्थिक सहायता मिल करने के लिए दी जाती है।
2024 में इस राशि को 1200 रुपए कर दिया गया। और प्रति माह अब 1200 रुपए की राशि महिलाओं के खाते में डाली जाती है।
• इस योजना का लाभ पाने के लिये महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना :
यह योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जाती है इस योजना को तीन विभागो द्वारा संचालित किया जाता है वह हैं सूक्ष्म, मध्यम और लघु विभाग।इसका उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को अपना व्यवसाय या रोजगार बनाने के लिए लग भग 5000 से 1000000 दस लाख तक की राशि की सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।
इस योजना का उद्देश्य है अपने प्रदेश के नागरिकों को स्वरोजगार के लिए बढ़ावा देना और उन्हें प्रोत्साहन देना अपने प्रदेश के लोगों को आगे बढ़ाना।
इस योजना के तहत लोगों को 5% ब्याज देना होगा ,लगभग 7 सालों तक।
इसमें आप ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते है।
अटल किसान ज्योति योजना:
यह किसान के लिए बनाई गई योजना है इस योजना के तहत किसानों को कृषि पंप चलाने के लिए बिजली सस्ती दरों पर दी जाती है।
इस योजना में लगभग 10 हॉर्स पावर तक के पंप जो कि बिना मीटर के चल रहे हैं उन्हें 750 रुपए प्रति हॉर्स पावर के हिसाब से बिजली दी जाती है।
• 10 हॉर्स पावर तक के सभी बिना मीटर वाले कृषि पंप जो स्थाई हो अथवा अस्थाई हो सभी को बिजली के दर में रियायत दी जाती है।
इसका आवेदन ऊर्जा विभाग द्वारा दिया जाता है।इस योजना से लाखों किसानों को बिजली के बल से राहत प्रदान होगी।किसान से ही देश का मान सम्मान है और किसान से ही सबका जीवन है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना:
यह एक भारत सरकार की योजना है जिसका उद्देश्य है देश भर के किसानों की कृषि भूमि को जल पूर्ति कराना।पानी को उपलब्धता को सुनिश्चित करना। अच्छी सिंचाई वाली कृषि छेत्र को बढ़ाना। सही फसल का उत्पादन होना ,इसके लिए पानी की सही व्यवस्था होना बहुत आवश्यक है।
जिससे सही फसल का अच्छे से उत्पादन हो सके।इस योजना का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना भी है और खेतों में पानी की उपयोगिता को बढ़ाना।
• एक प्रकार से ड्रिप और स्प्रिंकलर द्वारा सिंचाई को बढ़ावा देना भी इसका उद्देश्य है।
• जिन क्षेत्रों में पानी की कमी है सुखा क्षेत्र है उनको अधिक प्राथमिकता देना।
• इस योजना को राज्य सरकार द्वारा लागू किया जाता है।
•यह योजना प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा बनाई गई थी यह योजना अभी भी सक्रिय है।
प्रधानमंत्री सीखो कमाओ योजना :
मध्य प्रदेश की यह सीखो कमाओ योजना युवाओं को जागरूक ,प्रोत्साहित और रोजगार के लिए प्रशिक्षित करने के लिए बनाई गई है।इस योजना के तहत युवाओं को उनके निजी संस्थानों में ऑन द जॉब प्रशिक्षण दिया जाता है।इससे युवाओं का कौशल विकास होता है और रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं।सभी युवा वर्ग के लोग आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार होते हैं।
• इस योजना की शुरुआत 15 जून 2023 को की गई थी।
• इस योजना के तहत कम से कम हर साल 1 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
• इस योजना के लिए मध्य प्रदेश के सभी जिलों से आवेदन किया जा सकता है।
• इस योजना के लिए आवेदक को मध्य प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है।
• आवेदक के पास आधार कार्ड लिंक्ड बैंक खाता होना चाहिए और डीबीटी भी सक्रिय होनी चाहिए समग्र आईडी भी उपलब्ध होनी चाहिए यह सभी दस्तावेज आवेदक के पास होने चाहिए।
कन्या साक्षरता प्रोत्साहन योजना:
कन्या साक्षरता प्रोत्साहन योजना का उद्श्य बालिकाओं को शिक्षित और शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना है। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना इसका मुख्य उद्देश्य है। यह योजना उन क्षेत्रों के लिए है जो ग्रामीण है या शहर से बहुत दूर है ऐसे क्षेत्रों में शिक्षा को लड़कियों तक पहुंचाना और उनके लिए शिक्षा के प्रति जागरूक बनाना ही इस योजना का उद्देश्य है। यही योजना लड़कियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है जिससे वह अपनी सही शिक्षा प्राप्त कर सकें। गरीबी और अन्य कार्यों से बाधित छात्राओं को शिक्षा प्रदान करना इसका उद्देश्य है।
सरकार के द्वारा दी जाने वाली vittiya Rashi छात्रों की कक्षा और उनके परिवार कि आई पर निर्भर करती है।
•आवेदन करने वाली छात्रा के पास आधार कार्ड , पास बुक, आय प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र यह सभी आवेदक के पास होने चाहिए।
प्रधानमंत्री संबल योजना:
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा यह संबल योजना चलाई गई है इसका उद्देश्य गरीबों मजदूरों को सशक्त बनाना है यह योजना मजदूरों को आजीवन वित्तीय सहायता प्रदान केकी जाती है के। इस संबल योजना के तहत दुर्घटना होने पर मजदूर को 4 लाख का मुआवजा दिया जाता है, प्राकृतिक रूप से मेरी त्यु होने पर ₹200000 दिए जाते हैं। स्थाई विकलांगता होने पर भी ₹200000 की राशि दी जाती है।
आशिक विकलांगता पर ₹100000 दिए जाते हैं और मृत्यु के समय अंतिम संस्कारए के लिए ₹5000 की राशि दी जाती है।
इस योजना के तहत महिला मजदूरों को भी मातृत्व सेवा के लिए 16000 रुपए दिए जाते हैं ।
• यह योजना वर्ष 2018मे जनकल्याण के लिए शुरू की गई थी।।
प्रधानमंत्री निः शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना:
यह नि: शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना मध्य प्रदेश के निवासी के लिए बनाई गई है।इस योजना के तहत दिव्यांग जन के विवाह के लिए समर्थन एवं प्रोत्साहन देना इस योजना का उद्देश्य है। युवक और युवती दोनों इस योजना में लाभदारी होते हैं। इस योजना में यदि साधारण व्यक्ति किसी दव्यांग पुरुष अथवा माल महिला से विवाह करता है तो उसे ₹200000 प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा दी जाती है ।
• मानो एक युवक दिव्यांग है और वह साधारण युवती के साथ विवाह करता है या फिर कोई युवती दिव्यांग है और वह साधारण पुरुष से विवाह तो विवाह करती तो ऐसे में उन्हें ₹200000 प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
• यदि युवक और युवती दोनों ही दिव्यांग है और उनका आपस में विवाह होता है तो सरकार द्वारा उन्हें ₹100000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
•इस योजना की शुरुआत 12 अगस्त सन 2008 में की गई थी।
पात्रता:
•युवक और युवती को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
•दिनों में से से कोई भी आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
•महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और पुरुष की 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
•योजना के लिए आवेदन विवाह के एक वर्ष के भीतरी होना चाहिए।
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